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हार कर इस ज़िन्दगी से मुंह मोड़ लेते हैं लोग
यों के जीलेने की हसरत ही छोड़ देते हैं लोग !
वहीं, हाँ वहीं सुखन-ए-ज़ालिम रंग लाता है
कि जहां थक के अक्सर दम तोड़ देते हैं लोग !!
हार कर इस ज़िन्दगी से मुंह मोड़ लेते हैं लोग
यों के जीलेने की हसरत ही छोड़ देते हैं लोग !
वहीं, हाँ वहीं सुखन-ए-ज़ालिम रंग लाता है
कि जहां थक के अक्सर दम तोड़ देते हैं लोग !!